Wednesday, April 6, 2011

मै मरघट में जब जाता हूँ








मै मरघट में जब जाता हूँ

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मै मरघट में जब जाता हूँ ,

मै मर-घट में मर जाता हूँ ,

जब मर और घट न घट पाए..

तो खुद ही मै घट जाता हूँ .//

मै मरघट को समझाता हूँ ,

कि मर के घट न पाउँगा मै ,

तुझे आज ये बताता हूँ ,

कि कर तू मेरा इंतजार...

अभी मै कुछ देर बाद मरघट पे आता हूँ ,

ऐ मरघट तू मुझे क्या जाने ??

मै हूँ इन्सान एक मरघट का ,

जो मरघट पे तो आता है ..

पर अपने पीछे एक अद्भुत ,अविचल ,यथार्थ और

अविश्वसनीय इतिहास छोड़ वो आता है ........................

सर्वाधिकार सुरक्षित:-द्वारा राजीव कुमार पाण्डेय