Wednesday, December 22, 2010

रऊआ काहे इतना गुरुर में रहीले

रऊआ काहे इतना गुरुर में रहीले
जब हम जागिले परेसान होके रऊआ चैन से सोइले
पर इ जान लीं , कि कुछ लोग बा जे हमके पावे खातिर आपन सारा नींद खोवेला
हमार एक झलक पावे खातिर उ दिन रात रोवेला
कही अईसन ना होके जे हम हमेसा खातिर अब चैन से सो जायीं
और रऊआ सारी उमर खातिर बेचैन से हो जायीं .........

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